कहाँ अकबर..कहाँ मोदी.. ?.....!
जब हुमायूं बीकानेर से भाग रहा था उन्ही दिनों 15 अक्टूबर 1542 को जन्में जलालुद्दीन मुम्मद अकबर का जीवन जोखिमों से भरा हुआ था जब वह केवल एक साल का था । हुमायूं को कामरान द्वारा बन्दी बना लिए जाने से बचने के लिए अपने दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर ईरान भागना पड़ा । शुरूआत मे कामरान ने अकबर की अच्छी देखभाल की बाद मे मन मे खोट आया और हिन्दुस्तान के भावी नन्हें शहंशाह को उसने आग उगलती तोपों की जद मे पड़ने वाले परकोटे पर रख दिया । पर कुछ लोग पैदा होने से पहले ही ऊपरवाले से करार करवा लेते हैं कि हमें इतने दिनों तक जीना है और अपनी विरासत को आगे ले जाना है अकबर इन्हीं में से एक था । वहीं आज के किसी नेता के पतलून के नीचे कोई पटाखा छोर दो तो हार्ट अटैक से प्राण चली जाती है इनकी तकदीर ऊपरवाले ने अगर ठीक-ठाक लिख भी दी हो तो भी इनकी मक्कारी और इनकी चाल-चलन इनकी जान ले ही लेती है । अकबर ने जब ...